Dipawali Essay In Hindi

Dipawali Essay In Hindi: बहुत समय पहले की बात है अयोध्या में एक राजा हुआ करते थे जिनका नाम दशरथ था। उनकी तीन रनिया थी

  • कौशल्या
  • सुमित्रा
  • कैकई
Why Diwali Is Celebrated In Hindi

राजा दशरथ के चार पुत्र थे

  • राम
  • लक्ष्मण
  • भारत
  • शत्रुधन

राजा दसरथ ने अपने सबसे बड़े पुत्र को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया, रानी कौशल्या के पुत्र राम को राजा बनते देख रानी कैकई नाराज हो गयी उन्होंने राजा दशरथ से कहा, राजन हमने आपकी जान बचाई थी दो आपने उस समय हमें दो वचन मांगने को कहा था।

Ramayana Facts in Hindi

आज वो वचन मांगने का समय आ गया है हम चाहते है आप हमारे पुत्र भरत को राजा और आपका उत्तराधिकारी बनाय और राम को 14 वर्ष  के लिए वनवास भेजने का वचन दे।

राजा दसरथ काफी दुखी और चिंतित हुए लेकिन राजा दशरथ अपने वचन के कारण मजबूर थे और  मजबूरन उन्हें  राम को 14 वर्ष के  लिए वनवास भेजना पड़ा।

Dipawali Essay In Hindi
Dipawali Essay In Hindi

राम के साथ उनकी धर्मपत्नी सीता और उनके प्रिय भाई लक्ष्मण भी वनवास के लिए चल पड़े तीनो वन में रहने लगे।

एक दिन सूर्पनखा नाम की एक राक्षसी एक सुन्दर नारी का रूप धारण कर वहां आयी वो राम जी को देखकर मोहित ही हो गयी और उन्हें जाकर बोली मुझे आपसे शादी करनी है क्या आप मुझसे शादी करंगे।

Dipawali Story in Hindi

What Is Diwali And Why Is It Celebrated
Dipawali Essay In Hindi

राम जी ने कहा देवी मै तो पहले से ही शादी शुदा हु मै आपसे शादी नहीं कर सकता, लेकिन आप मेरे प्रिय भाई लक्ष्मण से पूछ लीजिये की क्या वे आपसे शादी करंगे।

ये सुनकर सूर्पनखा लक्ष्मण के पास चली गयी लेकिन सूर्पनखा का शादी का ये प्रस्ताव लक्ष्मण ने भी ठुकरा दिया, यह देखकर सूर्पनखा क्रोधित होकर अपने असली रूप में आ गयी।

सूर्पनखा ने सीता जी को मारना चाहा तभी लक्ष्मण ने सूर्पनखा के नाक और कान काट दिए। सूर्पनखा रोते रोते आपने भाई रावण के पास गयी।

Dipawali Essay In Hindi
Dipawali Essay In Hindi

रावण लंका में रहता था और और सारे राक्षसों का राजा था, सूर्पनखा की बाते सुनकर और उसकी हालत देखकर रावण ने श्री राम से बदला लेने की ठानी।  

अब रावण ने एक राक्षस को सोने का मृग बनाकर जंगल भेजा उस मृग यानि हिरण को देखकर राम लक्ष्मण और सीता जी मनमोहित हो गए।

Why Diwali Is Celebrated
Dipawali Essay In Hindi

राम और लक्ष्मण उस मृग को पकड़ने के लिए उसके पीछे पीछे भागे ताकि वे उसे पकड़कर सीता जी को दे सके।

इसी बिच रावण अपना रूप बदलकर साधु के रूप में सीता जी के पास आया और उन्हें अगवा करके ले गया, राम और लक्ष्मण जब वापस आये तो उन्होंने देखा सीता जी घर पर नहीं है।

दोनों यह देखकर काफी परेशान हुए और उन्हें खोजने लगे खोजते खोजते उन्हें एक घायल पक्षी मिला जिसका नाम जटायु था।

जटायु ने राम और लक्ष्मण को बताया की रावण सीता जी को अगला करके ले गया है उसने रावण को रोकने की कोशिश की लेकिन रावण ने उसके पंख काट दिए।

राम और लक्ष्मण लंका की और चल पड़े रास्ते में उन्हें वानरों और भालुओ की सेना मिली और उनके साथ रावण से युद्ध करने चल पड़ी।

Dipawali Essay In Hindi

Dipawali Essay In Hindi

Essay One

दीपावली का त्यौहार भारत में और अन्य कई देशों में बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है। दीपावली को दीप का त्यौहार भी कहा जाता है। दीपावली का त्यौहार भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। जिसे भारत में बहुत ही हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है। कहा जाता है की  इस दिन भगवन श्री राम ने रावण को पराजित करके और अपना 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे। भगवन श्री राम के आने की ख़ुशी में वहां के सभी लोगो ने दिए जलाये थे। तब से लेकर अब तक हर वर्ष इस दिन को दीपावली के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। इस त्यौहार को बच्चे, बूढ़े और बड़े हर कोई बहुत ही ख़ुशी और धूमधाम से मनाते है।

दीपावली की रात पूरा भारत जगमगाता है। इस दिन लोग पटाखे भी जलाते है। दीपावली का त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भारत ही नहीं बल्कि और भी देशो में दीपावली का त्यौहार बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है।

Essay Two

दीपावली भारत का एक प्रमुख त्यौहार है। दीपावली को दीप का त्यौहार भी कहा जाता है। दीपावली का त्यौहार भारत में और अन्य कई देशो में बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है।

कहा जाता है की, इस दिन भगवान श्री राम रावण को पराजित करके और अपना 14 वर्ष का वनवास काटकर लौटे थे। इस ख़ुशी के कारण वहां के सभी लोगो ने दिए जलाये थे। तब से लेकर अब तक हर वर्ष इस दिन को दीपावली के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है।

Dipawali Per Nibandh

दीपावली का त्यौहार हर साल अक्टूबर या नवंबर माह में मनाया जाता है। दीपावली आने से कुछ दिन पहले ही लोग इस त्यौहार को मनाने की तैयारी में लग जाते है। दीपावली के दिन लोग अपनी दुकाने, घर, स्कूल, दफ्तर आदि को दुल्हन की तरह सजाते है। रंग बिरंगी लाइटे, दिए, मोमबत्ती से पूरा भारत जगमगाता है।

दीपावली का त्यौहार करीब पांच दिनों तक होता है। यह खुशियों का त्यौहार है। इस पर्व पर लोग नए कपडे खरीदते है। देवी लक्ष्मी जी और भगवन गणेश जी की पूजा करते है। घर घर में स्वादिष्ट मिठाईया बनवायी जाती है। लोग अपने पड़ोसियों, दोस्तों और रिस्तेदारो को मिठाई और गिफ्ट इत्यादि देते है। दीपावली का त्यौहार हमें एकता, प्यार और भाईचारे का अमूल्य सन्देश देता है।

Essay Three

दीपावली का त्यौहार कार्तिक महीने की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। अमावस्या के दिन बहुत ही अँधेरी रात होती है और दीपावली के त्यौहार में गली गली में दीपक जलाकर रौशनी करने की प्रथा होती है। वैसे तो इस पर्व को लेकर कई कथाये है। लेकिन कहते है भगवान् श्री राम चौदह वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। इस ख़ुशी में अयोध्या वाशियो ने घी के दिए जलाये थे और  श्री राम लक्ष्मण और सीता का स्वागत किया था। दीपावली के दिन बाजारों में गणेश जी, लक्ष्मी जी, राम जी आदि की तस्वीरें खरीदी जाती है और बाजार को दुल्हन की तरह शानदार तरीके से सजा दिया जाता है। इस दिन बाजारों में खास भीड़ रहती है। खासतौर से मिठाइयों की दुकानों पर बच्चो के लिए ये दिन मानो नए कपडे खिलोने, पटाखे और उपहारों की सौगात लेकर आता है।

Deepawali Essay In Hindi

आने के कुछ दिन पहले ही लोग अपने घरो को साफ़ सफाई के साथ साथ अपने घरो की साफ़ सफाई के साथ साथ अपने घरो में बिजली की लड़ियो से रौशन कर देते है।

दीपावली पर चारो तरफ दीप जलते है। लोग अपने रिस्तेदारो और सम्बन्धियों के साथ दीपावली का त्यौहार मानते है। दीपावली का त्यौहार मनाने के लिए बच्चे बेहद व्याकुल रहते है और इससे जुडी हर गतिविधियों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते है।

दीपावली के एक से दो दिन  ही बच्चो द्वारा स्कूलों में छोटी दीपावली मनाई जाती है। स्कूलों में शिक्षक विद्यार्थियों को पटाखों और अन्य गतिविधियों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह देते है। साथ ही पूजा की विधि और दीपावली से सम्बंधित रिवाज आदि भी बताते है।

दीपावली 5 दिनों का एक लम्बा उत्सव है जिसको लोग पूरे आनंद से और उत्साह के साथ मनाते है। दीपावली के पहले दिन को धनतेरस, दूसरे दिन को छोटी दीपावली, तीसरे दिन को दीपावली या लक्ष्मी पूजा चौथे दिन को गोवर्धन पूजा तथा पांचवे दिन को भैया दूज कहते है।

दीपवले के इन पाछो दिनों की अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएं है। दीपावली का त्यौहार लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है।

दीपावली का त्यौहार बच्चे बड़े सब में एक दूसरे के प्रति स्नेह ले आता है। यह व्यक्तिगत और सामूहिक दोनों रूपों से मनाये जाने वाला बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है।

लोगो में दीपावली की बहुत उमंग होती है लोग अपने घरो की सफाई करते है नए कपडे पहनते है। लोग एक लोग एक दूसरे को मिठाईया तथा उपहार देते है। एक दूसरे से मिलते है तथा उपहार देते है।

एक दूसरे से मिलते है घरो में रंग बिरंगी रंगोलियां बनायीं जाती है। दीपक जलाये जाते है, आतिशबाजी की जाती है।

Essay Four

Diwali Par Nibandh In Hindi

अंधकार पर प्रकाश की विजय का यह पर्व समाज में उल्लास भाई चारा व प्रेम का सन्देश फैलाता है।

प्रस्तावना :- भारतवर्ष में सामाजिक, सांस्कृतिक, राष्ट्रिय अनेक पर्व व त्यौहार मनाये जाते है। दीपावली भी एक उच्च धार्मिक एवं सांस्कृतिक त्यौहार है। यह सारे भारतवर्ष में बड़े हर्ष एवं उत्साह के साथ मनाया जाता है। दीपावली का शाब्दिक अर्थ है “दीप + अवली” अर्थात दीपको की पंक्ति। इस पर्व को दीपको की पंक्ति में जलाकर ही मनाया जाता है।

यह महान पर्व प्रतिवर्ष कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। कई दिन पहले से ही इसकी तैयारी आरंभ हो जाती है। लक्ष्मी पूजन तथा मिटटी के दीपको व मोमबत्तियों का प्रकाश अमावस्या की रात्रि में किया जाता है। बिजली के बल्बों की झालरे बड़ी संख्या में इमारतों, घरो की शोभा बनती है।

मनाने के कारण :- इस पर्व को मनाने के कई कारण है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवन रामचंद्र दुष्ट रावण का वध करके कार्तिक की अमावस्या को ही लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। उनके आगमन की ख़ुशी में प्रजा फूली न समायी और उनके स्वागत में दीपको की सजावट की गयी। मकानों व गलियों को सजाया गया। तभी से यह पर्व दीपावली के रूप में मनाया जाता है।

Diwali Par Nibandh In Hindi
Dipawali Essay In Hindi

जैन धर्म के प्रचारक भगवन महावीर ने आज ही के दिन संसार बंधन को तोड़ मुक्ति प्राप्त की थी। उस समय जनता ने दीपमालाएं जलाकर उनके निर्वाण-पद पाने की ख़ुशी मनाई थी। पौराणिक कथा के अनुसार लक्ष्मी का अवतार इसी दिन हुआ था। अतः इस दिन को विशेष रूप से लक्ष्मीपूजन किया जाता है।

स्वामी दयानंद सरस्वती ने इसी पुण्य दिवस पर निर्वाण प्राप्त किया था। अतः आर्यसमाज के अनुयायी उनकी याद में इस पर्व को बड़े उत्साह से मनाते है। इस प्रकार अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं का इसी दिवस से जुड़ना इसके महत्व को बढ़ाता ही रहा है।

Diwali Essay In Hindi

सफाई और साज सज्जा :- दीपावली से एक मास पूर्व ही सम्पूर्ण भारतवर्ष में मानो सफाई अभियान छिड़ जाता है। सभी लोग अपने अपने घरो की सफाई में जुट जाते है। व्यापारी भी दुकानों, कार्यलयों को झाड़ पोछकर सजाते है। इस अवसर पर अनेक लोग सफेदी और रंग रोगन भी करवाते है। वर्षा ऋतू के बाद जो सीलन, कीट-पतंगे या गंदगी घरो में जमा हो जाती है, उसे पूरी तरह से विदा कर दिया जाता है। दुकानदार अपनी दिखाने को रंगीन रौशनी से सजाते है। बाजार मानो दुल्हन बन जाते है। चारो ओर एक स्वस्थ वातावरण बन जाता है।

 दीपावली पूजन :- दीपावली की रात सभी हिन्दू लक्ष्मी पूजन करते है। ऐसी मान्यता है की इस रात स्वयं लक्ष्मी जी घरो में प्रवेश करती है। इसीलिए कई भक्त तो अपने घर के द्वार रात को खुले रखते है। व्यापारी वर्ग इस दिन अपने व्यापार स्थल पर लक्ष्मी पूजन करके सुभ लाभ चिन्ह अंकित करते है।

प्रकाश और आतिशबाजी :- दीपावली की असली रौनक इस रात्रि को जलाये जाने वाले दीपको और आतिशबाजी से होती है। अँधेरी रात में झिलमिलाते दीपक अनुपम दृश्य उपस्थित करते है। बच्चे बम, पटाखे, फुलझड़िया, अनार व अन्य आतिशबाजी छुड़ाकर ख़ुशी प्रकट करते है। इस दिन मिठाई की भी भरमार रहती है।

Dipawali Essay In Hindi
Dipawali Essay In Hindi

उपसंहार :- सारे भारतवर्ष में यह त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, जो अनेक निराश हृदयो में आशा का संचार करता है। अपनी विशेषताओं के कारण अन्य पर्वो में दीपावली अपना विशेष स्थान रखती है। इस पर्व से अनेक लाभ है परंतु जो बुरी प्रवर्तियाँ  इसके साथ जोड़ी जाती है, उन्हें दूर करना आवश्यक है, तभी यह त्यौहार हमारी प्राचीन सभ्यता एवं संस्कृति का रक्षक हो सकेगा अन्यथा इसे मनाने से समाज को कोई सुसंदेश प्राप्त नहीं होगा। इस पर्व पर हमें सभी अन्धकाररुपी बुराइयों को मिटाने का संकल्प लेना होगा।

Essay Five

Why Is Diwali Called The Festival Of Lights

Dipawali Essay In Hindi: दिवाली हिन्दुओ का एक लोकप्रिय त्यौहार है। इस त्यौहार को दीपावली या दीपो का त्यौहार भी कहा जाता है। यह त्यौहार प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है।

दिवाली का त्यौहार धनतेरस से लेकर भाई दूज तक पांच दिन मनाया जाता है। कहा जाता है की, इस दिन भगवन श्रीराम ने रावण को पराजित करके और अपना 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या वापस लौटे थे, और अयोध्या वासियो ने उनके स्वागत में घी के दीपक जलाये थे।

तब से लेकर अब तक हर वर्ष इस दिन दिवाली के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है, और भगवन श्री राम को पूरे देश में उनकी पवित्रता और सत्यता के लिए पूजा किया जाता है। यह त्यौहार अन्धकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।

दिवाली खुशियों का त्यौहार है। दिवाली का यह त्यौहार हर किसी के लिए खुशिया लेकर आता है। इस अवसर पर बाजारों में खूब चहल पहल होती है। लोग नए नए कड़े खरीदते है घर घर में स्वादिष्ट मिठाईया बनवायी जाती है। लोग एक दूसरे को दिवाली की बधैया देते है।

दिवाली के दिन हर घर में दियो से, रंग बिरंगी लाइटे, मोमबत्ती आदि से सजाया जाता है। यह दीपो की रंग बिरंगी रौशनियां हर एक के मन को मोह लेती है। रात्रि में माता लक्ष्मी और भगवान श्री गणेश की पूजा की जाती है।

इस त्यौहार की सबसे ज्यादा ख़ुशी बच्चो को होती है। बच्चे पटाखे खरीदते है और आतिशबाजी का आनंद लेते है। दिवाली का त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

भारत ही नहीं बल्कि और भी देशो में दिवाली का त्यौहार बहुत धूम धाम से मनाया जाता है। दीपावली का त्यौहार हमें हर एक के जीवन में दीपो जैसे प्रकाश फैलाने का सन्देश देता है।

Essay Six

Dipawali Essay In Hindi

प्रस्तावना : दिवाली या दीपावली हिन्दुओ का सबसे लोकप्रिय त्यौहार है जिसे बहुत ही उत्साह और ख़ुशी के साथ मनाया जाता है, यह त्यौहार सभी के लिए ढेर सारी खुशियाँ लेकर आता है।

लोग अपने परिवार, दोस्तों और अपने प्रियजनों को बधाई और उपहार देते है, दिवाली के दिन शाम को दिए, मोमबत्ती तरह तरह की लाइट को जलाकर प्रकाश किया जाता है।

बच्चे इस दिन शाम को पटाखे छुड़ाते है इसके साथ शाम को लक्ष्मी माता की पूजा भी होती है इस वर्ष 24 अक्टूबर 2022 को दिवाली का त्यौहार पूरे भारतवर्ष में मनाया जायेगा।

दीपावली का अर्थ : दीपावली संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है। दीप + आवली। दीप का अर्थ होता है दीपक तथा आवली का अर्थ होता है शृंखला अथवा लाइन जिसका मतलब हुआ दीपो की शृंखला या दीपो की पंक्ति।

मनाने का समय : दीपावली का त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। अथवा दीपावली का त्यौहार अक्टूबर या नवंबर महीने में आता है।

दीपावली मनाने के कारण : हिन्दुओं के अनुसार, दीपावली के दिन ही भगवान् श्री राम 14 वर्षो के वनवास के बाद अपनी पत्नी सीता, भाई लक्ष्मण और भक्त हनुमान के साथ अयोध्या लौटे थे।

जिस वजह से उस दिन पूरे अयोध्या को दीपो और फूलो से सजाया गया था। तब से लेकर आज तक इसे दीपो का त्यौहार और अँधेरे पर प्रकाश की जीत के रूप में मनाया जाता है।

दीपावली की तैयारी : दीपावली की तैयारियां कई दिन पहले से ही आरंभ हो जाती है। दीपावली के कई दिन पहले से ही लोग अपने घरो की साफ़ सफाई, लिपाई पुताई, सजावट प्रारंभ हो जाती है।

Dipawali Essay In Hindi

Dipawali Essay In Hindi
Dipawali Essay In Hindi

Dipawali Essay In Hindi: क्युकी ऐसी मान्यता है की जो घर साफ़ सुथरे होते है, उन घरो में दिवाली के दिन माँ लक्ष्मी विराजमान होती है और अपना आशीर्वाद प्रदान करके वहा सुख समृद्धि में बढ़ोतरी करती है। दिवाली के नजदीक आते ही लोग अपने घरो को देबाक और तरह तरह की लाइट से सजाना शुरू कर देते है।

दीपावली का वर्णन : दीपावली का त्यौहार पांच दिनों तक चलने वाला सबसे बड़ा त्यौहार होता है। दीपावली से पहले धनतेरस का त्यौहार आता है। इस दिन बाजारों में चारो तरफ जनसमूह उमड़ पड़ता है।

धनतेरस के दिन बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। प्रत्येक परिवार अपनी अपनी आश्यकता अनुसार कुछ न कुछ खरीदारी करता है। इस दिन घर के द्वार पर एक दीपक जलाया जाता है।

इससे अगले दिन नरक चतुर्थी या छोटी दीपावली होती है। इस दिन याम पूजा हेतु दीपक जलाये जाते है और उसके अगले दिन दीपावली आती है। इस दिन घरो में सुबह से ही तरह तरह के पकवान बनाये जाते है।

बाजारों में खेल बताशे मिठाईया, खाड़ के खिलोने, लक्ष्मी गणेश आदि की मुर्तिया बिकने लगती है। स्थान स्थान पर आतिशबाजी और पटाखों की दुकाने सजी होती है।

दीपवले की शाम लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है पूजा के बाद लोग अपने अपने घरो के बाहर दीपक व मोमबत्तिया जलाते है। चारो और चमकते दीपक अत्यंत सुन्दर दिखाई देते है।

रंग बिरंगे बिजली के बल्बों से बाजार व गलियां जगमगा उठते है। बच्चे तरह तरह के पटाखों व आतिशबाजियो का आनंद लेते है। रंग बिरंगी फुलझड़िया, आतिशबाजियां व अनारो के जलने का आनंद प्रत्येक आयु के लोग लेते है।

Dipawali Essay In Hindi

दीपावली से अगले दिन गोवर्धन पूजा है जिसमे लोग अपने गाय – बैलों को सजाते है तथा गोबर का पर्वत बनाकर पूजा करते है।

अगले दिन भाई दूज का पर्व होता है। भाई दूज को याम द्वितीय भी कहते है। इस दिन बहिन अपने भाई के मस्तक पर तिलक लगा कर उसके मंगल की कामना करती है।

उपसंहार : दीपावली अपने अंदर के अन्धकार को मिटा कर समूचे वातावरण को प्रकाशमय बनाने का त्यौहार है। दिवाली को त्यौहार हमें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

दीपावली का त्यौहार सांस्कृतिक और सामाजिक प्रेम का प्रतिक है। इस त्यौहार के कारण लोगो में आज भी सामजिक एकता बनी हुई है।

जलाओ दिये पर रहे ध्यान इतना,
अँधेरा धरा पर कही रह न जाए।

Essay Seven

भारत देश में अनेक त्योहार मनाए जाते हैं। दिवाली उनमे से ही एक त्योहार है। यह देश का सबसे बड़ा त्यौहार है। दिवाली को दीपावली भी कहा जाता है। सभी लोग इस त्यौहार का बेसब्री से इन्तजार करते है। दिवाली का त्यौहार अपने साथ बहुत साड़ी खुशियाँ लेकर आता है। इस त्यौहार को अन्धकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक माना जाता है।

दिवाली रौशनी का त्यौहार है, क्युकी इस दिन चारो तरफ रौशनी की जाती है। घर में हर जगह दीपक जलाये जाते है। दिवाली की तैयारियाँ लोग एक महीने पहले से ही करने लगते है। सभी लोग घरो की साफ़ सफाई, लिपाई – पुताई करवाते है। दिवाली के लिए घर में सब लोग नए कपडे खरीदते है।

Deepavali Par Nibandh

रंगोली, मिठाई, दीपक, लालटेन, पटाखे, साज सजावट की चीजे ऐसे कई सारे सामान ख़रीदे जाते है। दिवाली के दौरान बाजारों में और दुकानों में बहुत भीड़ दिखने की मिलती है। दिवाली प्रसन्नता और मनोरंजन का पर्व है। दिवाली के दिन धन की देवी लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है।

 हर घरो में अलग अलग तरीके के पकवान बनाये जाते है। दिवाली पांच दिन चलने वाले त्यौहार है। पाँचो दिनों का एक अलग महत्व है।

दिवाली में स्कूल और महाविद्यालयों की छुट्टी दी जाती है। सरकारी कार्यालयों और बैंक भी दिवाली के अवसर पर बंद होते है। इस त्यौहार से हमें ये सिखने को मिलता है, की एक छोटा दीपक भी पूरा अँधेरा दूर कर सकता है। हमें भी उस दीपक की तरह जीवन जीना चाहिए। जीवन में चाहे कितनी भी परेशानियां आये हार नहीं माननी चाहिए, हमेशा आशीवाद रहना चाहिए।

Essay Eight

दिवाली हिंदुओं का एक लोकप्रिय त्यौहार है। इस त्यौहार को दीपावली या दीपो का त्यौहार भी कहा जाता है। यह त्यौहार प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। दिवाली का त्यौहार धनतेरस से लेकर भाई दूज तक पांच दिन मनाया जाता है।

कहा जाता है की, इस दिन भगवान् श्रीराम ने रावण को पराजित करके और अपना 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या वापस लौटे थे। और सभी अयोध्या वासियो ने उनके स्वागत में गहि के दीपक जलाये थे। तब से लेकर अब तक हर वर्ष इस दिन को दिवाली के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है।

भगवान् श्री राम को पूरे देश में उनकी पवित्रता और सत्यता के लिए पूजा जाता है। यह त्यौहार अन्धकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।

Diwali Nibandh In Hindi

Dipawali Per Nibandh
Dipawali Essay In Hindi

दिवाली खुशियों का त्यौहार है। दिवाली का यह त्यौहार हर किसी के लिए खुशिया लेकर आता है। इस अवसर पर बाजारों में खूब चहल पहल होती है। लोग नए नए कपडे खरीदते है। घर घर में स्वादिष्ट मिठाईया बनवायी जाती है। लोग एक दूसरे को दिवाली की बधाईया देते है।

Dipawali Essay In Hindi: दिवाली के दिन हर घर दियो से रंग बिरंगी लाइटे, मोमबत्ती आदि से सजाया जाता है। यह दीपो की रंग बिरंगी रौशनियां हर एक के मन मोह लेती है। रात्रि में, माता लक्ष्मी और भगवान् श्री गणेश जी की पूजा की जाती है। इस त्यौहार की सबसे ज्यादा ख़ुशी बच्चो को होती है।

बच्चे पटाखे खरीदते है और आतिशबाजी का आनंद लेते है। दिवाली का त्यौहार बुराई पर अच्छाई  की जीत का प्रतीक है। भारत ही नहीं बल्कि और भी देशो में दिवाली का त्यौहार बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है। दिवाली का त्यौहार हमें हर एक के जीवन में दीपो जैसे प्रकाश फ़ैलाने का संदेश देता है।

Essay Nine

Dipawali Essay In Hindi: दिवाली भारत का सबसे लोकप्रिय त्यौहार है। इस त्यौहार को दीपावली या दीपो का त्यौहार भी कहा जाता है। दिवाली का त्यौहार धनतेरस से लेकर भाई दूज तक पांच दिन मनाया जाता है।

कहा जाता है की, इस दिन भगवन श्री राम अपना चौदह साल का वनवास पूरा कर अयोध्या वापस लौटे थे। इस ख़ुशी के कारण वहां सभी लोगो ने दिए जलाये थे। तब से लेकर आजतक हर साल दिवाली का त्यौहार बड़े धूम धाम से मनाया जाता है।

दिवाली खुशियों का त्यौहार है। दिवाली का यह त्यौहार हर किसी के लिए खुशिया लेकर आता है। इस अवसर पर बाजारों में खूब चहल पहल होती है। लोग नए नए कपडे खरीदते है। घर घर में स्वादिष्ट मिठाईया बनवायी जाती है। लोग एक दूसरे को दिवाली की बधाइयाँ देते है।

Diwali Par Nibandh In Hindi

दिवाली के दिन हर घर दियो से रंगबिरंगी लाइटे, मोमबत्ती आदि से सजाया जाता है। यह दीपो की रंग बिरंगी रौशनियां हर एक के मन को मोह लेती है। इस त्यौहार की सबसे ज्यादा ख़ुशी बच्चो को होती है बच्चे पटाखे खरीदते है और आतिशबाजी का आनंद लेते है। दिवाली का त्यौहार हमें हर एक के जीवन में दीपो जैसे प्रकाश फ़ैलाने का संदेश देता है।

Essay Ten

दीपावली भारत का सबसे लोकप्रिय त्यौहार है। दीपावली को दीपो का त्यौहार भी कहा जाता है। यह त्यौहार प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है।

दीपावली का त्यौहार धनतेरस से लेकर भाई दूज तक पांच दिन मनाया जाता है। कहा जाता है की इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण को पराजित करके और अपना चौदह वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या वापस लौटे थे।

और सभी अयोध्या वासियो ने उनके स्वागत में घी के दीपक जलाये थे तब से लेकर अब तक हर वर्ष इस दिन को दीपावली के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है, और भगवान श्रीराम को पूरे देश में उनकी पवित्रता और सत्यता के लिए पूजा जाता है। यह त्यौहार अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।

दीपावली खुशियों का त्यौहार है। दीपावली का यह त्यौहार हर किसी के लिए खुशियाँ लेकर आता है। इस अवसर पर बाजारों में खूब चहल पहल होती है। लोग नए नए कपडे खरीदते है। घर घर में स्वादिष्ट मिठाईया बनवायी जाती है। लोग एक दूसरे को दीपावली की बधाईया देते है।

Diwali Essay In Hindi

दीपावली के दिन हर घर दियो से, रंग बिरंगी लाइटे, मोमबत्ती आदि से सजाया जाता है। यह दीपो की रंग बिरंगी रौशनियां हर एक के मन को मोह लेती है। रात्रि में माता लक्ष्मी और भगवान् श्री गणेश जी की पूजा की जाती है। इस त्यौहार की सबसे ज्यादा ख़ुशी बच्चो को होती है। बच्चे पटाखे खरीदते है और आतिशबाजी का आनंद लेते है।

दीपावली का त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भारत ही नहीं बल्कि और भी देशो में दीपावली का त्यौहार बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है। दीपावली का त्यौहार हमें हर एक के जीवन में दीपो जैसे प्रकाश फैलाने का सन्देश देता है।

Essay Eleven

  • दिवाली भारत का सबसे लोकप्रिय त्यौहार है।
  • दिवाली को दीपावली के नाम से जाना जाता है।
  • यह त्यौहार हर साल अक्टूबर या नवंबर में मनाया जाता है।
  • दिवाली के दिन भगवान् श्रीराम चौदह साल का वनवास पूरा कर अयोध्या वापस लौटे थे।
  • यह त्यौहार धनतेरस से लेकर भाई दूज तक पांच दिन चलता है।
  • दिवाली दीपो का त्यौहार है।
  • दिवाली पर हर घर दियो से सजाया जाता है।
  • दिवाली पर बक्से पटाखों की आतिशबाजी का आनंद लेते है।
  • इस पर्व पर घर घर में स्वादिष्ट मिठाईया बनवायी जाती है।
  • दिवाली का त्यौहार हमें बहुत खुशियाँ देता है।

Essay Twelve

दीपावली भारत का सबसे लोकप्रिय त्यौहार है। दीपावली को दीपो का त्यौहार भी कहा जाता है। यह त्यौहार प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है।

Dipawali Essay In Hindi

दीपावली का त्यौहार धनतेरस से लेकर भाई दूज तक पांच दिन मनाया जाता है। कहा जाता है की इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण को पराजित करके और अपना चौदह वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या वापस लौटे थे। और सभी अयोध्या वासियो ने उनके स्वागत में घी के दीपक जलाये थे तब से लेकर अब तक हर वर्ष इस दिन को दीपावली के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है, और भगवान श्रीराम को पूरे देश में उनकी पवित्रता और सत्यता के लिए पूजा जाता है। यह त्यौहार अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। दीपावली खुशियों का त्यौहार है। दीपावली का यह त्यौहार हर किसी के लिए खुशियाँ लेकर आता है। इस अवसर पर बाजारों में खूब चहल पहल होती है। लोग नए नए कपडे खरीदते है। घर घर में स्वादिष्ट मिठाईया बनवायी जाती है। लोग एक दूसरे को दीपावली की बधाईया देते है। दीपावली के दिन हर घर दियो से, रंग बिरंगी लाइटे, मोमबत्ती आदि से सजाया जाता है। यह दीपो की रंग बिरंगी रौशनियां हर एक के मन को मोह लेती है। रात्रि में माता लक्ष्मी और भगवान् श्री गणेश जी की पूजा की जाती है। इस त्यौहार की सबसे ज्यादा ख़ुशी बच्चो को होती है। बच्चे पटाखे खरीदते है और आतिशबाजी का आनंद लेते है। दीपावली का त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भारत ही नहीं बल्कि और भी देशो में दीपावली का त्यौहार बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है। दीपावली का त्यौहार हमें हर एक के जीवन में दीपो जैसे प्रकाश फैलाने का सन्देश देता है।

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Dipawali Essay In Hindi

भूमिका :

दीपावली हिंदुओं का महत्वपूर्ण उत्सव है, यह कार्तिक मास की अमावस्या की रात्रि में मनाया जाता है। इस रात को घर घर में दीप जलाये जाते है। इसे दीपो का त्यौहार के नाम से भी जाना जाता है। रात्रि के घनघोर अँधेरे में दीपो का जगमगाता हुआ प्रकाश अति सुन्दर दृश्य की रचना करता है।

दिवाली मनाने का कारण :

दीपावली वर्षा ऋतु की समाप्ति पर मनाई जाती है। धरती की कीचड़ और गंदगी समाप्त हो जाती है। अतः लोग अपने घरो दुकानों की पूरी सफाई करवाते है ताकि सीलन कीड़े मकोड़े और अन्य रोगाणु नष्ट हो जाए। दीपावली से पहले लोग रंग रोगन करवाकर अपने भवनों को नया कर लेते है। दीप जलने का भी शायद यही लक्ष्य रहा होगा की वातावरण के सब रोगाणु नष्ट हो जाए। दिवाली के साथ निम्नलिखित प्रसंग भी जुड़े हुए है। ऐसी मान्यता है की इस दिन श्री रामचंद्र जी रावण का संहार करने के पश्चात वापस लौटे थे। उनकी ख़ुशी में लोगो ने घी के दीपक जलाये थे। भगवान् महावीर ने तथा स्वामी दयानन्द ने इस तिथि को निर्वाण प्राप्त किया था। इसलिए जैन संप्रदाय तथा आर्य समाज में ही इस दिन का विशेष महत्व है। सीखो के छठे गुरु हरगोविंद सिंह जी भी इसी दिन कारावास से मुक्त हुए थे। इसीलिए गुरुद्वारों की शोभा इस दिन दर्शनीय होती है। इसी दिन भगवान् कृष्ण ने इंद्र के क्रोध से ब्रज की जनता को बचाया था।

व्यापारियों का प्रिय उत्सव :

व्यापारियों के लिए दीपावली उत्सव शिरोमणि है। व्यापारी वर्ग विशेष उत्साह से इस उत्सव को मनाता है। इस दिन व्यापारी लोग अपनी अपनी दुकानों का काय कल्प तो करते ही है, साथ ही शुभ लाभ की आकांक्षा भी करते है। घर घर में माता लक्ष्मी का पूजन होती है।

Diwali Nibandh In Hindi – Dipawali Essay In Hindi

ऐसी मान्यता है की उस रात माता लक्ष्मी घर में प्रवेश करती है। इस कारण लोग रात में अपने घर के दरवाजे खुले रखते है। हलवाई और आतिशबाजी की दुकानों पर इस दिन विशेष उत्साह होता है। बाजार मिठाई से लद जाते है। यह एक दिन ऐसा होता है जब गरीब से अमर तक, कंगाल से राजा तक सभी मिठाई का स्वाद प्राप्त करते है। लोग आतिशबाजी छोड़कर भी प्रसन्ता व्यक्त करते है। गृहिणिया इस दिन कोई न कोई बर्तन खरीदना शगुन समझती है।

निष्कर्ष :

दीपावली की रात को कई लोग खुलकर जुवा खेलते है। इस कुप्रथा को बंद किया जाना चाहिए। कई बार जुएबाजी के कारण प्राणघातक झगड़े हो जाते है। आतिशबाजी पर भी व्यर्थ में करोड़ो – अरबो रुपया खर्च हो जाता है। कई बार आतिशबाजी के कारण आगजनी की दुर्घटनाये हो जाती है। इन विषयो पर पर्याप्त विचार होना चाहिए।

Essay Fourteen

  • दिवाली भारत देश का प्रसिद्ध त्यौहार है।
  • इसे दीपो का त्यौहार भी कहा जाता है।
  • यह पांच दिनों तक चलने वाला एक प्रसिद्ध और बड़ा त्यौहार है।
  • यह त्यौहार हर साल अक्टूबर या नवंबर में मनाया जाता है।
  • इस दिन भगवान् श्रीराम जी अपना चौदह वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या वापस लौटे थे।
  • दिवाली में घर, दूकान, बाजार आदि दीपो से, फूलो से रंगोलियों से सजाये जाते है।
  • दिवाली पर लोग नए कपडे खरीदते है।
  • लोग अपने पड़ोसियों, रिश्तेदारों और दोस्तों को मिठाइयों का उपहार देते है।
  • दिवाली में लोग माता लक्ष्मी और भगवान् श्री गणेश जी की पूजा करते है।
  • यह त्यौहार अन्धकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।

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Dipawali Essay In Hindi

भारत त्योहारों का देश है। दीपावली का त्यौहार बड़ी धूमधाम से सम्पूर्ण भारत में मनाया जाता है। दीपावली का अर्थ है – दीपो की अवलि अर्थात पंक्ति। यह त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या की रात्रि को मनाया जाता है। दियो और रंगीन बल्बों की रौशनी में हर घर जगमगाता है। दीपावली पर सम्पूर्ण वातावरण उल्लासमय हो जाता है। इस त्यौहार की एक विशेष बात यह है की यह त्यौहार अकेला नहीं आता बल्कि अपने साथ पांच त्योहारों की लड़ी सी लाता है। इस त्यौहार की तैयारी दशहरे के बाद से ही आरम्भ हो जाती है। दशहरे के 20 दिन बाद दीपावली का त्यौहार आता है। दीपावली से 2 दिन पूर्व धनतेरस वाले दिन नए बर्तन ख़रीदे जाते है। इसके बाद आती है छोटी दिवाली। दीपावली के लिए सभी लोग नए कपड़े, सजावट का सामान, मिठाई, पटाखे आदि की खरीदारी करते है। घर और बाजार दुल्हनों की तरह सजे सवरे दिखाई देते है। कहा जाता है, की इस दिन श्री रामचंद्र 14 वर्ष का वनवास पूरा कर माता सीता एवं लक्ष्मण के साथ अयोध्या वापस लौटे थे।

अयोध्या वासियो ने उनके आगमन की प्रशन्नता में दीपक जलाये थे। यह दिन व्यापारियों के लिए नए वर्ष का आरंभ माना जाता है। दीपावली के दिन रात को सभी लोग माता लक्ष्मी और भगवान् श्री गणेश की पूजा करते है। मिठाईया और पकवान खाये जाते है। सभी लोग एक दूसरे के गले मिलते है बड़ो का आशीर्वाद लेते है और मिठाईया बाटते है। रात को आतिशबाजियां की जाती है दीपवले के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। अंतिम पर्व भाई दूज का होता है। बहने अपने भाइयो को तिलक कर उनकी दीघायु की कामना करती है। दीपावली हर्ष का पर्व है। यह त्यौहार प्रेम और भाईचारे का सन्देश देता है। दीपावली का प्रकाश सबके हृदय में उजाला करे, हमें यह कामना करनी चाहिए।

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