Haseena Parkar Biography In Hindi

Haseena Parkar Biography: वो एक बार कोर्ट गयी कोर्ट पोहोचकर बेल के साथ बाहर आयी वो पहली और आखिरी बार कोर्ट गयी थी क्यूंकि वो भारत देश के पहले और दुनिया तीसरे मोस्ट दाउद अब्राहम की बहन थी क्यूंकि वो मुंबई की गॉड मदर थी क्यूंकि वो हसीना पार्कर थी, हसीना पार्कर की ज़िंदगी पर एक फिल्म भी बनायी गयी है जिसमें श्रद्धा कपूर हसीना और उनके भाई सिद्दांत दाउद का किरदार निभा रहे है चलिए जानते है उस हसीना पार्कर उर्फ़ आपा की कहानी

Haseena Parkar Biography

अप्रैल 2007 में एक FIR दर्ज होती है गार्डन हॉल और उनके अपार्टमेंट के आस पास भीड़ जमा होती है वह पर लोग बात कर रहे है आपा (हसीना पार्कर) लौट आएँगी, आपा के पास भाई है उन्हें कुछ नहीं होगा

वहां खड़े जिस शख्श को भी आप निगाह भरकर देख लेंगे वही अपने हिस्से की आपा सुनाने लगता था इलाके में ही मोबाइल की दुकान चलाने वाला लड़का बताता है कुछ साल पहली मेरी बहन एक आदमी के साथ भाग गयी थी आपा ने उस आदमी को धमकाया मेरी बहन वापस आ गयी

ये कहानी है मुंबई की गॉड मदर हसीना पार्कर की जिसे लोग आपा कहकर भी बुलाते थे 1959 में पैदा हुई हसीना पार्कर दाऊद से छोटी और 10 भाई बहनों में सातवे नंबर पे थी अब्राहम कसकर के ये सारे बच्चे महाराष्ट्र के रत्नागिरी में पैदा हुए थे

दाऊद ने अपने भाई सबीर अब्राहम कसकर के साथ डी कंपनी शुरू की थी दाउद की 4 बहने थी, सरिता, फरज़ाना, मुमताज और हसीना लेकिन दाऊद के धंधे में उसके किसी बहन के लिए जगह नहीं थी हसीना के इस धंधे में आने की कहानी बिलकुल एक फिल्मी है

Haseena Parkar Husband

हसीना के पति की हत्या मुंबई में हुई और उसके पति की इस हत्या ने हसीना को बना दिया मुंबई की गॉड मदर, दाऊद के अपराधों ने दाऊद को 80 के दशक में ही भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया लेकिन वो बाहर बैठ कर भी मुम्बई चला रहा था

पैसे वसूलना मर्डर और दूसरे गैर कानूनी धंधे दाऊद का सबसे बड़ा काम था दाऊद की देखा देखी और भी बोहोत सारे अपराधी पैदा हुए जिनके आपसी गैंगवार में मुंबई की सड़कें खून से लाल हुआ करती थी

1990 के सुरुवाती में दाऊद के निशाने पर ब्रा गैंग यानि बौ रस्मी, रमानायक और अरुण गवली थे इस गैंग का मुखिया था रामनायक अरुण गवली उस समय गैंग में तीसरे नंबर पे था रस्मी और नायक के मरने के बाद गैंग की कमान अरुण गवली के हाथ में आ गयी

Haseena Parkar Biography: 1990 के आस पास दाऊद ने अरुण गवली के शूटर्स को चुन चुन के मरवा दिया दाऊद मजबूत था उसका गैंग बेहत मजबूत था ऐसे में अरुण गवली गैंग को कोई रास्ता मिला ही नहीं दाऊद से बचने और इस उलझन से बाहर निकलने का जिसे पकड़ कर वो दाऊद तक पोहोच सके

इसी बीच जब दाऊद ने अरुण गवली के भाई पापा गवली को मरवा दिया तो अरुण और उसका गैंग टूट सा गया मुंबई के गंस्टर्स का एक नियम था दुश्मनी अपने बिच घरवालो के बिच नहीं आप उसे कैसे भी निपटाये पैसो का मामला हो या ताकत का आप सामने वाले के घर वालो पर हाथ नहीं डालेंगे

पुलिस भी इस नियम का पालन करती थी लेकिन गवली ने ये नियम तोड़ा जब वो दाऊद और उसके गैंग का कुछ नहीं बिगाड़ पाया तब उसने हसीना के पति इस्माइल अब्राहम पार्कर की हत्या करवा दी

Haseena Parkar Real Life

इस्माइल से हसीना की शादी तब हुई थी जब वो महज 17 साल की थी इस्माइल जूनियर फिल्म आर्टिस्ट था लेकिन बताते है बाद में उसने होटल का धंधा किया नागपाड़ा में जहां हसीना रहती थी उसी इलाके में इस्माइल का एक होटल था जहाँ 20 जुलाई 1991 को हत्या वाले दिन इस्माइल अपने होटल के काउंटर पर बैठा था

तभी कार में कुछ लोग आये हथियार लेके और इस्माइल को भूनकर चले गए दाऊद के जीजा का कत्ल हो चूका था अब उसकी बारी थी इस्माइल की हत्या के बाद दाऊद गैंग उथल पुथल मच गयी दाऊद के आस पास बैठने वाले लोग उसे राजन के बारे में सोचने के लिए कह रहे थे

लेकिन दाऊद के मुताबिक राजन सिंडिकेट के अंदर एक सिंडिकेट चला रहा था और एक दिन गैंग पर कब्ज़ा कर सकता था दाऊद इन बातों पर ध्यान नहीं दे रहा था और राजन के खिलाफ बोलने वाले सुनील सावंत, सत्या और छोटा शकील ने दाऊद से कहा की अगर राजन वफादार है तो उसने इतने दिनों बाद भी इस्माइल का बदला क्यों नहीं लिया

Haseena Parkar Biography In Hindi

जब दाऊद ने ये बात राजन से पूछी तब राजन ने कहा इस्माइल के हत्यारे JJ हॉस्पिटल में टाइप C सिक्योरिटी के बिच में एडमिट है उनके बाहर आते ही उन्हें मार दिया जायेगा सत्या और शकील ने मौक़ा लपक लिया उन्होंने कहा वो इस्माइल का बदला लेना चाहेंगे

Haseena Parkar Biography: दाऊद ने उन्हें इजाज़त देदी और उन दोनों के पास दाऊद की नजरो में ऊपर उठने का ये एक अच्छा मौका था इस काम के लिए उन्होंने UP के गैंगस्टर बृजेश सिंह और 2 शूटर बच्ची पांडेय और सुभाष सिंह ठाकुर को अपने पास काम के लिए बुलाया

Haseena Parkar Ki Jivani

सबको आटोमेटिक हथियार दिए गए ये पहली बार था जब किसी शूटआउट में AK47 का इस्तेमाल किया गया था 12 सितम्बर 1992 को शूटआउट के कुछ घंटे पहले ही हत्या की गयी फिर हॉस्पिटल में घुसकर शैलेश हलदनकर को मार दिया गया जिसपर इस्माइल की हत्या का शक था

Haseena Parkar Biography: हत्या करने वाले ये नहीं जान पाये की एक और शख्श विपिन दूसरे वार्ड में पहले ही शिफ्ट कर दिया जा चुका था वरना वो उसे भी मारने वाले थे आम तौर पर अंडरवर्ल्ड वाले पुलिस की दुश्मनी से बचने के लिए पुलिस वालों पर हमला नहीं करते थे

लेकिन ये हमला इतना बड़ा था की इसमें 2 पुलिस कांस्टेबल और एक इंस्पेक्टर की मौत हो गयी इस्माइल का बदला लेने के बाद हसीना अपने नए घर नागपाड़ा के गार्डन हॉल में शिफ्ट हो गयी यहाँ उसे जो घर पसंद आया था उसने उसका ताला तुड़वाकर रहना शुरू कर दिया

और किसी ने उस से शिकायत भी नहीं कि अड्डा जमा और यही से हसीना ने क्राइम की ओर अपना कदम बढ़ा दिया दाऊद के भारत से चले जाने के बाद उसकी बेनामी संपत्ति हसीना के नाम आ गयी

दाऊद के भारत से जाने के बाद हसीना का काम दाऊद की 54 बेनाम संपत्ति की देख रेख करना था लेकिन खुद धंधे में आने के बाद हसीना को अब इसमें मजा आने लगा और बेशुमार ताकत अपने इर्द गिर्द एहसानो से दबे लोग हर अवैध लेन देन में हिस्सा मुंबई में हर इमारत बनने से पहले उसकी इजाज़त

Godmother Of Mumbai

हसीना को मुंबई पर राज करना भी भा रहा था वो इसमें डूब चुकी थी बताया जाता है कि दाऊद को ये बिलकुल भी पसंद नहीं था उसने कई बार हसीना को मना भी किया और बहनों को ये सब करने की जरुरत नहीं थी इसलिए दाऊद अपनी बहनों को हर महीने करोड़ों रूपया भेजता था

लेकिन हसीना को ताकत की लत लग चुकी थी और इसका इलाज अब नहीं था मुंबई में वर्ष 2006 में जब स्लम एरिया को बनाने का काम जोर शोर से चल रहा था तब हसीना ने बिल्डर कृष्णा मिल्क शुक्ला और प्रॉपर्टी ब्रोकर चन्द्र शाह के साथ वडाला में एक छोटा स्लम एरिया बनाने का प्लान बनाया

इसके लिए 1 करोड़ रूपए की जरुरत थी इन तीनों के पास एक करोड़ और प्रॉपर्टी ब्रोकर विनोद अल्बानी ने पैसो का इंतजाम करने के लिए कहा और फिर विनोद ने जयेश शाह की मदद से एक करोड़ रूपए का इंतजाम किया

लेकिन ये काम शुरू नहीं हो पाया जब जयेश ने अपना पैसा वापस माँगा तब दाऊद ने उसे 70 लाख रूपए वापस कर दिए क्युकी बाकि के 30 लाख रूपए हसीना ने प्रोडक्शन मनी के नाम पर लौटने के लिए मना कर दिया

दिसम्बर 2006 में जब विनोद क्राइम ब्रांच गया तो वहां FIR नहीं लिखी गयी फिर दोनों एंटी करप्शन ब्रांच गए फिर आरोप लगाया गया की क्राइम ब्रांच के अफसर अनिल महाबोले राजेंद्र निकम ने शिकायत लिखने से मना कर दिया है और लिखने के लिए 10 लाख रूपए मांगे गए है

Haseena Parkar Court Case

21 अप्रैल 2007 को ये एंटी एक्सटॉरशन सेल के हवाले कर दिया गया और हसीना पर हुई पहली FIR, ढेर सारी बाते जानने के बाद जब क्राइम ब्रांच के अफसरों ने जब जांच शुरू की तब जॉइंट कमिश्नर मीरा करनेवाकर की तरफ से जवाब आया कि उनके आदमी मामले की जांच कर रहे थे ताकि पुख्ता जानकारी के बाद शिकायत दर्ज की जा सके

Haseena Parkar Biography: हलाकि की 4 महीनो की जांच में उन्हें क्या मिला इसका कोई जवाब उनके पास नहीं था 21 अप्रैल की FIR के बाद हसीना फरार हो गयी तो सेशन कोर्ट ने भी पुलिस को फटकार लगाते हुए हसीना को 16 मई तक हिरासत में लेने के आदेश दिए

Haseena Parkar Real Life

हसीना का नेटवर्क इतना तगड़ा था कि उसे पुलिस एक्शन का पता चलने लगा और वो फरार हो गयी क्राइम ब्रांच के अफसरों ने जब हसीना के ठिकानो के बारे में पूछा तो सभी हड़बड़ाते हुए कहते थे गवाह छोडिये कोई इनफॉर्मर उसके बारे में नहीं कहना चाहता

पुलिस के डर से वो खुद दाऊद से संपर्क नहीं रखती थी लेकिन बताया जाता है कि उनके पास एक मेस्सेंजर का एक नेटवर्क था जो दोनों को आपस में बनाए रखता था 2007 में क्रिमिनल रिकॉर्ड की वजह से हसीना को दोबारा पासपोर्ट जारी नहीं किया गया

लेकिन आशंका जताई जाती है इस से पहले हसीना देश से बाहर दाऊद से कई बार मिली है इंडिया टुडे की 2007 में एक रिपोर्ट आई थी कि हसीना इलाके में होने वाले हर अवैध मुद्दे में कुछ न कुछ भाग होता था

Haseena Parkar Real Life

मुंबई में जितने भी झोल मोल वाले लेन देन होते थे हसीना का उसमे हिस्सा होता था इन पैसो के बदले वो पुलिस के केस से उन्हें प्रोटेक्शन देती थी एक वक़्त था जब मुंबई में सरकारी ईमारत भी हसीना के इजाज़त से बनती थी उसमे भी हसीना का हिस्सा होता था

लोग अपने विवाद लेकर हसीना के पास आते थे और वो उन्हें सुलटा देती थी इसके बदले वो मोटी रकम वसूल करती थी झुग्गियों में रहने वाले लोगो से उनकी जगह अपने प्लाट बनाने की परमिशन लेने के लिए मुंबई के ढेर सारे बिल्डर हसीना के पास आते थे

SRA प्लॉट्स में अंडरवर्ल्ड का इतना दखल हो गया था कि कोर्ट को 247 SRA मामलो में जांच का आदेश देना पड़ा था हलाकि 2007 में इनमे से सिर्फ 11 मामलो की जांच शुरू हुई थी

बॉलीवुड फिल्मों में ओवर सीरीज राइट्स हासिल करने में हमेशा से अंडरवर्ल्ड की रुचि रही है हसीना इन्ही राइट्स के लिए मोल भाव करती थी खासकर उन फिल्मों के लिए जो रूस और खाड़ी देशों में रिलीज़ होती थी

Haseena Parkar Biography: देखा जाये तो हसीना हवाला रैकेट में शामिल थी जिसमें भारत से मिडिल ईस्ट पैसे भेजे जाते थे और वहां से मंगाए जाते थे मुंबई में केबल ऑपरेटर्स का झगडा बोहोत फेमस है अंडरवर्ल्ड के बाद दूसरे नंबर पर इसी का नाम आता है

जिनमे न जाने कितने मर्डर हो चुके है अपने इलाके में केबल ऑपरेटर अपनी गॉड मदर से मदद मांगने जाया करते थे हसीना की इनकम का सबसे बड़ा हिस्सा अवैध वसूली ही था प्रॉपर्टी और ठेकेदारी से जुड़े विवाद वो पैसे लेकर निपटाती थी

Haseena Parkar Son Danish Death

हसीना के परिवार में उसके दो बेटे दो बेटियां थी 2005 में उसने अपनी एक बेटी की शादी एक बड़े बिजनेसमैन से करदी थी इसके बड़े बेटे दानिश की एक सड़क हादसे में मौत हो गयी थी

डेनिश धंधे में हसीना का हाथ बटाता था हसीना का काम आर्डर देना और सलीम का काम उसे पूरा करना था उसके अलावा एक और आदमी था सलीम पटेल जो हसीना का दायां हाथ था, हसीना के साथ आने से पहले सलीम इस्माइल का ड्राइवर था हसीना के छोटे बेटे का नाम अली शाह है

6 जुलाई 2014 को रमजान के महीने में हसीना पार्कर  को हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गयी हसीना ने उस दिन रोजा रखा था

सीने में दर्द होने के बाद उसे हबिब हॉस्पिटल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गयी इस से पहले वो कई महीनो तक मिग्रने से जूझती रही मीग्रैन की वजह से वो अधिकतर वक़्त बिस्तर पर रहती थी

Haseena Parkar Biography

लोगो से मिलना जुलना बहत कम हो गया था ऐसे में भी खुद सामने से होने के बाद भी दाऊद फॅमिली के नाम पर धंधा चलाने लगी एक अनुमान के मुताबिक 2014 में हसीना के पास 5000 करोड़ से भी ज्यादा की संपत्ति थी

ये थी हसीना पार्कर उर्फ़ आपा गॉड मदर ऑफ मुंबई

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