Indian Naval Academy – Ezhimala Naval Academy

Indian Naval Academy: आज का आर्टिकल खास होने वाला है क्योकि आज मै ऐसी ट्रैनिग अकादमी के बारे में बात करने वाला हु जो सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरे एशिया में सबसे बड़ी मिलिट्री अकादमी है

Ezhimala Naval Academy

मै बात कर रहा हु भारत के INDIAN NAVAL ACADEMY INA की जहा इंडियन नेवी के लिए सबसे बेहतरीन ऑफिसर्स तैयार किये जाते है चलिए सुरु करते है मै हु आपके साथ अजीत ठाकुर स्वागत है आपका ज्ञानवर्ल्ड में

इंडियन नवल अकादमी ये एक ऐसा ट्रैनिग इंस्टिट्यूट है जहा दुनिया की दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी  नेवी ऑफिसर्स को ट्रैन किया जाता है इस अकादमी को सबसे पहले गोवा के मंडोवी में मई 1969 में नवल या नावक अकादमी के नाम से स्थापित किया गया था

लेकिन इंडियन नेवी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस अकादमी की संरचना में कुछ बदलाव किये गए  और इसके बाद 8 जनुअरी 2009  को केरल के कान्नौगत जिले में इस अकादमी को पूरी तरह से बनाकर INDIAN NAVAL ACADEMY यानि INA के नाम से स्थापित किया गया

INDIAN NAVAL ACADEMY यानि INA भारत की सबसे यंगेस्ट मिलिटरी अकादमी है इस अकादमी की अपनी एक अलग ही दुनिया है इस अकादमी का कैंपस 2452 एकड़ में फैला हुआ है और इतने बड़े जगह के साथ ये अकादमी एशिया की सबसे बड़ी ट्रेनिंग अकादमी है

इस अकादमी के कैंपस के अंदर एक नवल बेस डिपो NAVAL BASE DEPOT INS ZAMORIN और एक नवल हॉस्पिटल INHS NAVJIVANI भी शामिल है इंडियन नवल अकादमी दुनिया के नवल के जवानो को ट्रैन करने में सबसे प्रतिष्ठित है और यहाँ भारतीय जवानो के साथ साथ कई फॉरेन जवानो को भी ट्रैन किया जाता है

Ranbankure Stadium Aro Varanasi Cantt

INA में सिर्फ NAVY जवानो को ही नहीं बल्कि कोस्ट गार्ड्स ऑफिसर्स को भी ट्रैन किया जाता है इस अकादमी के सबसे पहले कमांडेंट VICE ADMIRAL MP MURALIDHARAN  और इसके पहले दुपटी कमांडेंट थे REAR ADMIRAL KAPIL GUPTA थे

हर साल इस अकादमी में जगह पाने के लिए कई विद्यार्थी अपनी कोशिश करते है  लेकिन अकादमी एक टर्म में केवल 300 जवानो को ही ट्रेनिंग के लिए शामिल करती है

और इस अकादमी में शामिल हुए जवानो को 4 सालो के लिए ट्रेनिंग दी जाती है जिसमे ACADEMIC TRANINING, NAVAL SUBJECT TRAINING   और OUTDOOR ट्रेनिंग शामिल होती है

Ina Ezhimala

अकादमिक ट्रेनिंग में जवानो को इंजीनियरिंग करवाई जाती है नवल सब्जेक्ट्स की ट्रेनिंग में जवानो को नवल सब्जेक्ट्स के बारे में जानकारी दी जाती है और आउटडोर ट्रेनिंग में जवानो को कई फिजिकल एक्टिविटीज की ट्रेनिंग दी जाती है

और इस अकादमी से पास होने के बाद सभी जवान एक नवल जवान होने के साथ साथ B.TECH और GRADUATES भी होते है इस अकादमी में जवानो को समुन्द्र के अंदर ही नहीं बल्कि समुन्द्र के निचे जमीं पर और यहाँ तक की आसमान पर कैसे दुविधा का सामना किया जाये इसकी भी ट्रेनिंग इस INDIAN NAVAL ACADEMY यानि INA में दी जाती है

इस अकादमी में जवानो को 9MM की पिस्टल्स को चलाना सिखाया जाता है उनको इस पिस्तौल को 1 मिनट से भी काम समय में गोली चलने के लिए तैयार करना होता है इसके साथ ही जवानो को 9MM CARBINE और INSAS RIFLE को भी चलाना सिखाया जाता है

पूरे एशिया में अपनी ट्रेनिंग के लिए जानी जाती है 15 अगस्त 1947 को जब देश आजाद हुआ तब इंडियन नेवी के पास केवल 33 समुंद्री जहाज थे और भारतीय जवानो को ट्रेनिंग के UNITED KINGDOM भेजा जाता था

Ezhimala Naval Academy

शुरुवात के नेवी ऑफिसर्स को केवल NDA के द्वारा ही चुना जाता था लेकिन फिर बाद में जैसे जैसे इंडियन नेवी की जरूरत बढ़ती गयी और बड़ी तादात में नेवी ऑफिसर्स को शामिल किया जाने लगा  और इन जवानो को ट्रेनिंग देने के लिए भारत ने खुदकी नवल अकादमी को स्थापित करने का फैशला किया

अकादमी में शामिल होते ही जवानो को अलग अलग डिपार्टमेंट्स में बात जाता है और मौजूदा समय में इंडियन नवल अकादमी के केवल 6 डिपार्टमेंट्स है

  • ACHIEVER
  • BRAVEHEART
  • CHEETAH
  • DAREDEVIL
  • EAGLE
  • FIGHTER,     

हर डिपार्टमेंट में 4 डिवीज़न होते है  और हर डिवीज़न में करीब 50 जवान होते है और हर डिपार्टमेंट का कमांडेंट लेफ्टिनेंट रैंक का एक कमिशन होता है

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