Janmashtami Story in Hindi

Janmashtami Story in Hindi: जय श्री कृष्णा भाइयो और उनकी बहनो आज हम जन्माष्टमी की कहानी जानेंगे जन्माष्टमी जिसे हम कृष्ण जयंती या गोकुल अष्टमी के नाम से भी जानते है, जन्माष्टमी हिन्दुओ का त्यौहार है जिसे पूरे भारतवर्ष में श्री कृष्ण के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है मै हु आपके साथ अजीत ठाकुर स्वागत है आपका ज्ञानवर्ल्ड में चलिए जानते है जन्माष्टमी की कहानी

janmashtami full story in hindi

SEND JANMASHTAMI WISHES USING YOUR NAME CLICK HERE

बहुत पहले की बात है करीब 5000 साल से भी पहले की बात एक बड़ा ही प्यारा सा शहर था जिसका नाम था मथुरा वहा के लोग हसी ख़ुशी रहते और आराम से अपना जीवन बिताते

लेकिन वहा का राजा जिसका नाम था कंश जोकि एक बहुत ही अत्याचारी राजा था मतलब वो लोगो को बहुत तंग करता सभी को डराता और लोगो के साथ क्रूरता से पेश आता था

अत्याचारी के साथ साथ कंश एक बहुत ज्यादा अहंकारी राजा था अहंकारी का मतलब कंश समझता था की पूरी दुनिया में उस से बढ़कर न कोई राजा है और न ही कोई कभी होगा इसलिए मै ही सबसे शक्तिशाली हु हा हा हा ऐसा कंश सोचता था

कंश की एक बहन थी देवकी और देवकी की शादी हुई एक बहुत ही प्यारे से इंसान वासुदेव के साथ और एक दिन जब कंश अपनी बहन देवकी को वासुदेव के पास छोड़ने जा रहे थे

Nidhivan Story in Hindi

तो कहा जाता है की अचानक से आकाश में बिजली चमकती है बदल गरजते है और एक आवाज आती है अत्यचारी कंश तेरा अंत आ रहा है तेरी बहन देवकी की आठवीं संतान तेरा वध करेगी

मतलब देवकी की आठवीं संतान मथुरा के राजा कंश के अत्याचारों से मथुरा वासियो को छुटकारा दिलाएगी ये आवाज सुनकर कंश बहुत ज्यादा डर गया

Krishna Janmashtami Story in Hindi

आपको पता है कंश क्यों डर गया क्युकी जो लोग ज्यादा ही स्वाभिमानी और जिनके मन में प्यार दोस्ती और स्नेह नहीं होता वो अक्सर अंदर से बहुत डरपोक होते है तो कंश भी बाहर से से तो बहुत बड़ा राजा बनता था लेकिन अंदर से बहुत डरा हुआ था

और इस डर से कंश ने अपनी बहन देवकी और उसके पति वासुदेव को जेल में डाल  दिया अब देवकी और वासुदेव काफी साल तक जेल में रहे जेल में उनके 7 बच्चे हुए और अत्याचारी कंश ने एक एक करके सभी को मार डाला

janmashtami kab ki hai

इसके बाद जन्म हुआ देवकी और वासुदेव की आठवीं संतान कृष्णा का, श्री कृष्ण प्रेम सादगी और प्यार के प्रतीक माने जाते है

आधी रात को जब श्री कृष्ण  जन्म हुआ उन्हें अत्याचारी राजा  कंश बचाने के लिए उनके पिता वासुदेव ने श्री कृष्णा को एक टोकरी में डालकर बहती हुई यमुना को पार करके वृन्दावन पहुंचे और माँ यसोदा के घर छोड़ आये

क्युकी उन्हें पता था यसोदा माँ के घर कंश बिलकुल नहीं पहुंच सकता और कृष्णा वह बिलकुल सुरक्षित और ख़ुशी ख़ुशी रहेंगे और श्री कृष्ण का बचपन गोकुल में बीता इसीलिए जन्माष्टमी को अक्सर गोकुल अष्टमी भी कहा जाता है

इस तरह  आधी रात को जन्म हुआ श्री कृष्ण का और श्री कृष्ण के जन्म की ख़ुशी में हम सभी जन्माष्टमी का त्यौहार मनाते है 

Janmashtami Celebration Story in Hindi

कही लोग श्री कृष्ण को झूला झूलाते है कही दही की मटकी फोड़ते है लेकिन श्री कृष्ण के जन्म का असली मतलब है अच्छाई और प्यार की जीत जिस प्यार से आपके मम्मी पापा आपका जन्मदिन मनाते है उसी प्यार से पूरा भारतवर्ष श्री कृष्ण का जन्मदिवस मानते है

श्री कृष्ण का जन्म बुराई पर जीत पाने के लिए हुआ था उसी तरह हम सभी  कृष्ण है और हम सभी अपने मम्मी पापा दोस्त भाई बहन अपने देश के लिए कृष्ण है ताकि हम सभी  सारा प्यार करे और खूब साडी अच्छाई बाटे

आशा करता हु आपको आर्टिकल पसंद आया होगा आपका बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद 

दोस्तों इसी तरह के लोकप्रिय सामान्य ज्ञान से जुड़े आर्टिकल्स के लिए निचे दिए बॉक्स से हमारे डेली न्यूज़लेटर को अपनी ईमेल द्वारा सब्सक्राइब करे

अगर ये Janmashtami Story in Hindi आपको पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करने न भूलें अगर इस आर्टिकल में कुछ गलतियां या आपके कुछ सुझाव है तो हमें कमेंट करके बताये

 

Comments
  1. sup vastav

    thank you..it is so helpful for me

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *