Technical Guruji Biography In Hindi

Technical Guruji Biography In Hindi: गौरव चौधरी का जन्म 7 मई 1991 को राजस्थान के अजमेर शहर में हुआ, गौरव के अलावा उनके परिवार में उनकी एक बहन और एक भाई जिनका नाम प्रदीप चौधरी है, जो फिलहाल दुबई में बिज़नेस करते है

Technical Guruji Biography

Technical Guruji Biography In Hindi

बचपन से ही गौरव काफी होनहार विद्यार्थी थे क्युकी उनके घर का माहौल काफी ज्यादा अच्छा था, उनके पिताजी अजमेर यूनिवर्सिटी में कम्पट्रोलर ऑफिस में किसी बड़े पद पर काम करते थे

बचपन से ही गौरव को गैजेट्स से बहुत प्यार था क्यूंकि पहली क्लास से ही उन्होंने कंप्यूटर की सुरुवाती भाषा LOGO सिख रहे थे यानि जिस उम्र में बच्चे ढंग से लिख नहीं पाते है उस समय गौरव ऐसी भाषा सीख रहे थे

उस समय से ही गौरव की कंप्यूटर के लिए रुचि बढ़ने लगी और तीसरी क्लास में आते ही उन्होंने अपने पिता से ज़िद्द करके एक कंप्यूटर मंगवा लिया, और उनके पिता ने उन्हें कंप्यूटर देते हुए कहा बेटा यहाँ पर आपको सिर्फ दो चीज़े मिलेंगी एक है OK और दूसरा CANCLE, अगर कुछ समझ में आया तो OK दबाओ और कुछ न समझ आये तो CANCLE दबाना क्युकी ऐसा करने से कंप्यूटर कभी खराब नहीं होगा

और अपने पिताजी की इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए गौरव ने कंप्यूटर पर काम करना शुरू कर दिया, और इसके बाद से ही उन्होंने कंप्यूटर में अपने आप से ही कंप्यूटर में कुछ नया सिखने की कोशिश करने लगे, और समय के साथ साथ उनकी गैजेट्स के प्रति उनकी दीवानगी भी बढ़ने लगी, चाहे वो कैलकुलेटर हो या सोनी वाला वॉकमैन

जब कोई भी उन्हें कंप्यूटर पर काम करता हुआ देखता तो वो लोग हैरान हो जाते थे क्युकी इतनी कम उम्र में ही गौरव अपनी स्किल्स इतनी ज्यादा बढ़ा चुके थे की स्कूल में अपनी क्लास में तो सबसे ऊपर ही रहा करते थे

Gaurav Chaudhary Technical Guruji Biography

समय बीतने लगा और 2006 में उन्होंने अपनी 10th क्लास का एग्जाम 83.6% से पास कर लिया, लेकिन उनकी 10th क्लास की समाप्ति के बाद उनका परिवार बीकानेर शिफ्ट हो गया क्यूंकि उनके पिताजी का बीकानेर यूनिवर्सिटी में कम्पट्रोलर के पद एग्जामिनर के तौर पर प्रमोशन हुआ था

उस समय तक उनके बड़े भाई दुबई जा चुके थे और उनकी बहनों की शादी भी हो चुकी थी, यानि गौरव अब बीकानेर में अपने माता पिता के साथ रहने लगे, और 11th क्लास में उनका एडमिशन केंद्रीय विद्यालय बीकानेर में हो गया

जहां उन्होंने साइंस विद CM के साथ पढ़ाई शुरू की और साथ ही उन्होंने C++ कंप्यूटर भाषा भी सीखना शुरू कर दिया, यानि की अबतक एक मज़ेदार ज़िंदगी चल रही थी गौरव की, लेकिन जनवरी 2007 में उनके पिता का कार एक्सीडेंट हो गया

जिस से उनके पिता कॉमा में चले गए और पूरे परिवार की ज़िम्मेदारी गौरव के कंधो पर आ गयी, लेकिन गौरव की आत्मशक्ति ही थी जिन्होंने इस परिस्तिथि को इतनी अच्छी तरह से संभाला, घर में ऐसे हालात होने के बावजूद उन्होंने अपने 12th क्लास 64% से पास किया

Technical Guruji Biography In Hindi: सुरु से ही इलेक्ट्रॉनिक चीजों में रूचि होने के कारण उनका एडमिशन बीकानेर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज जोकि राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी से अफलिएटेड था उसमे बी टेक में अपनी पढ़ाई शुरू की

लेकिन बी.टेक के तीसरे साल में उन्होंने अपने पिता को खो दिया जोकि पिछले तीन सालों से कॉमा में थे, गौरव ने इस दुःख की घड़ी में धैर्य से काम लिया लिया और अपनी बी.टेक की पढ़ाई पर ध्यान लगाने की कोशिश की

Gaurav Chaudhary Biography

उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद, 2012 में वो अपनी माँ के साथ दुबई आ गए और वहां से उन्होंने अपनी नयी ज़िंदगी को जीना शुरू किया, लेकिन गौरव आगे और पढ़ना चाहते थे तो अब उन्होंने बिट्स पिलानी के दुबई कैंपस में अप्लाई किया

जहां से उन्हें दुबई शिफ्ट होने के कारण माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक में मास्टर्स करने का मौका मिला, और इस मौके का लाभ उठाते हुए उन्होंने 2 सालो में काफी अच्छे रिसर्च पेपर पब्लिश किये और इंटरनेशनल कॉन्फ्रेन्सेस में भी भाग लिया, और अच्छे अकादमी रिकार्ड्स होने के चलते गौरव वहा के गोल्ड मेडलिस्ट भी बने

लेकिन मास्टर डिग्री खत्म करने के बाद गौरव के पास 2 रास्ते थे पहला MBA और दूसरा PHD, मास्टर्स में अच्छे रिसर्च पेपर्स और अकादमिक में अच्छे रिकार्ड्स होने के कारण उन्हें अलग अलग यूनिवर्सिटीज से PHD करने का भी ऑफर आया

Technical Guruji Success Story in hindi

लेकिन PHD करने का मतलब होता है अपनी ज़िंदगी के 5 साल दे देना जोकि गौरव को उस समय ठीक नहीं लगा इसलिए उन्होंने PHD करने का ख्याल छोड़ दिया

और उन्होंने MBA करने की सोची इसलिए लंदन बिज़नेस स्कूल में एडमिशन लेने के लिए उन्होंने G-MET की 2 महीने तैयारी की लेकिन भाई का दुबई में बिज़नेस होने के कारण उन्होंने इस आईडिया को भी भूला दिया

और आखिर में उन्होंने दुबई पुलिस से सिक्योरिटी सिस्टम इंजीनियरिंग का सर्टिफिकेट प्राप्त किया और आज वो दुबई में अपना फॅमिली बिज़नेस संभाल रहे है जोकि साइबर सिस्टम सिक्योरिटी से जुड़ा हुआ है

चलिए अब जानते है Technical Guruji की यूट्यूब की कहानी के बारे में

जैसे की आप सबको पता ही है गुरूजी को गैजेट्स से बोहोत प्यार था जब पहली बार उनके घर 2007 में ब्रॉडबैंड लगा तो उन्हें इंटरनेट पर यूट्यूब देखने शुरू कर दिया, उन्हें यूट्यूब का ये प्लेटफार्म इतना अच्छा लगा की उस महीने उनका इंटरनेट का बिल करीब 9000 रूपए आ गया

और जबतक वो बिल घर पर पोहोचता तबतक वो और ज्यादा इंटरनेट इस्तेमाल कर चुके थे उसके बाद उन्होंने मन में ठान लिया की अब इंटरनेट से ही चीजों को सीखना है उसके बाद उन्होंने अपने ब्रॉडबैंड का प्लान अनलिमिटेड करवा लिया

Technical Guruji Biography: यानि अब गुरूजी यूट्यूब से घंटो कुछ न कुछ सीखा करते थे क्युकी यूट्यूब एक ऐसी जगह है जहां आप अपनी बातों को सबके सामने रख सकते हो वो भी बिना किसी रोक टोक के, और 2011-2012 के आस पास उन्होंने अपने दोस्तों अस्वनी और दीप्ति के साथ एक यूट्यूब चैनल तैयार करने की सोची

जहां वो अपनी वीडियोस इंग्लिश में बनाना चाहते थे लेकिन उस समय इतना करना आसान नहीं था क्यूंकि पढाई भी जरुरी थी, अपनी मास्टर डिग्री खत्म करने के बाद जुलाई 2015 में जब गुरूजी अपने बिज़नेस में आये तब यूट्यूब पर रिसर्च करते करते उनकी नजर एक टेक्निकल चैनल जिसका नाम शर्मा जी टेक्निकल था, इस चैनल से गुरूजी काफी प्रेरित हुए

क्युकी इस चैनल पर टेक्नोलॉजी से जुड़ी सारी जानकारियां हिंदी में थी, जोकि गुरूजी को देख कर काफी अच्छा लगा, बाद में उन्हें पता चला प्रवल शर्मा जोकि शर्मा जी टेक्निकल चैनल के मालिक है, जोकि गुरूजी के बी.टेक की पढ़ाई के समय सीनियर स्टूडेंट थे

Gaurav Chaudhary Biography In Hindi

इन्होने बीकानेर के उसी कॉलेज से इंजीनियरिंग की जहा से गुरु जी ने की थी, तो गुरु जी ने शर्मा जी के साथ काम करने की इक्छा व्यक्त की क्युकी गुरूजी अपने नॉलेज को बांटना चाहते थे, और शर्मा जी ने उनके साथ काम करने के लिए हाँ कर दिया

और गुरूजी ने उस समय ये भी देखा कि इंडिया में लोगो को ज्यादार टेक्नोलॉजी के बारे में गलत ज्ञान है, इसलिए इन्हीं गलत बातों को दूर करने के लिए उन्होंने अपने ज्ञान को यूट्यूब के जरिये हिंदी भाषा में लोगो तक पोहचने के लिए

अपना एक यूट्यूब चैनल 18 अक्टूबर 2015 को बनाया, और 20 अक्टूबर 2015 को उनकी पहली वीडियो उनके खुदके चैनल Technical Guruji और शर्मा जी टेक्निकल चैनल पर भी अपलोड की गयी, जिसके चलते टेक्निकल गुरूजी चैनल ने सिर्फ 10 दिन में 1000 सब्सक्राइबर जोड़ लिए

मतलब शर्मा जी टेक्निकल चैनल के छोटे से प्रमोशन से ही Technical Guruji का चैनल 50 दिनों में 5000 सब्सक्राइबर पूरा कर चुका था, और 3 जनवरी 2016 को गुरूजी ने अपने 10000 सब्सक्राइबर पूरे किये

Technical Guruji Biography

लोगो को गुरूजी के टेक्नोलॉजी से जुडी वीडियोस इतने अच्छे लगे कि उन्होंने 11 मई 2016 तक 1 लाख सब्सक्राइबर बढ़ा चुके थे और दिसम्बर 2016 आते आते वो भारत के नंबर 1 टेक यूटूबेर बन चुके थे

25 फ़रबरी 2017 को गुरूजी ने 10 लाख सब्सक्राइबर का माइलस्टोन पार किया यानि की गुरूजी की दाढ़ी के साथ साथ उनका चैनल भी काफी तेज़ रफ़्तार से बढ़ रहा था और ये रफ़्तार इतनी तेज़ थी की 14 नवम्बर 2018 को गुरूजी ने अपने 10 मिलियन सब्सक्राइबर भी पूरे कर डाले

जिस से वो इंडिया के तीसरे ऐसे इंडिविजुअल (आत्मनिर्भर) यूटूबेर बने जिसके 10 मिलियन सब्सक्राइबर थे

चलिए अब जानते है गौरव चौधरु उर्फ़ Technical Guruji की ज़िंदगी से जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में

गुरूजी के चैनल का इंट्रो उनके ही एक सब्सक्राइबर जिनका नाम मोहन मोहंती है उन्होंने बनाया था,

गौरव इंडिया के तीसरे और टेक्नोलॉजी केटेगरी में पहले ऐसे इंडिविजुअल (आत्मनिर्भर) यूटूबर है जिनके पास डायमंड प्ले बटन है और अभी वो सब्सक्राइबर के मामले पूरे वर्ल्ड में टेक यूटूबेर के तौर पर दूसरे नंबर पर है

टेक्निकल गुरूजी एक मात्र पार्ट टाइम यूटूबेर है जिनके 10 मिलियन से भी ज्यादा सब्सक्राइबर है

गुरूजी 3 इडियट्स में दिखाए गए क्वाडकॉप्टर (quadcopter) से इतने प्रेरित हुए कि उन्होंने अपने दोस्त अभिजीत निखिल और कमलेश के साथ मिलकर क्वाडकॉप्टर (quadcopter) को बी.टेक के फाइनल इयर में  बना डाला

Technical Guruji Biography In Hindi: जब गुरूजी ने वीडियोस बनाना शुरू किया तो घर में माँ और भाई ने कहा कि ये सब करने की क्या जरुरत है जब अच्छा खासा बिज़नेस चल रहा है, तो गुरूजी का जवाब था मुझे ये करने से सुकून मिलता है और उनका मकसद था बड़ी बड़ी टेक्निकल बातो को हिंदी भाषा में समझाना, जिस से आज पता नहीं कितने लोगो को टेक्नोलॉजी से जुड़ी जानकारियां मिल रही है

गुरूजी कुछ सालों से डेली दिन की 2 वीडियोस लाना कभी नहीं भूलते है, चाहे किसी की परेशानी क्यों न हो वो अपने काम के लिए इतने जागरूक है की वो ये नहीं देखते कि आस पास क्या चल रहा है, यानि कोई भी परेशानी उनकी वीडियो को आने से नहीं रोकती है

गुरूजी हम सभी के लिए एक मिसाल से कम नहीं है, तो दोस्तों आप भी अपने जीवन में अपने काम के लिए जागरूक रहना सीखिये, क्युकी आप अपने काम के लिए जागरूक रहेंगे तो कोई भी ताकत आपके काम में सफल होने से नहीं रोक सकती

Technical Guruji Facts

जब गौरव छोटे थे तो वो अक्सर अपने पिता के साथ ऑफिस जाया करते थे और अक्सर उनके पिता के ऑफिस वाले गौरव को साहिब का बेटा कहकर पुकारते थे, यानि लोग उन्हें उनके पिताजी के नाम से जानते थे

तब गुरूजी ने बचपन में ही ये सोच लिया था की मै एक दिन ऐसा काम करूँगा जिस से लोग मेरे पिता को मेरे नाम से जाने जिससे आज उन्होंने पूरा भी कर दिखाया है

अगर आज गुरूजी के पिता उनके साथ होते तो उन्हें अपने बेटे पर काफी नाज़ होता, वैसे काफी लोगो ने गुरूजी को टारगेट करके उनकी इमेज को गिराने की भी कोशिश की लेकिन इस से गुरूजी को साख और एक आंच तक नहीं आई बल्कि वो लोग खुद बुरे हो गए जिन्होंने गुरूजी को नीचे दिखाने की कोशिश की

तो दोस्तों अगर कोई आदमी आपके ही बिच मेसे आगे बढ़ रहा है तो उस से चिड़ो मत बल्कि उसकी बराबरी या उस से ऊपर जाने की कोशिश करो क्युकी हुनर सबके पास होता है बस आत्मविश्वास की जरुरत होती है

Technical Guruji की Biography

इसलिए गुरूजी का मन्ना है की अगर ज़िंदगी में कुछ बड़ा हासिल करना है तो बड़ा सोचो क्युकी सोचने का पैसा नहीं लगता हमेशा अपने लक्ष्य को क्लियर रखो और अपने लक्ष्य की और बढ़ते रहो

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