What is Insurance Policy In Hindi

What is Insurance Policy In Hindi: आप सभी ने लोगों के मुंह से कई सारी बाते सुनी होगी घर का मकान लेलो फ्लैट लेलो खली जमीन लेलो सोना लेलो इन्वेस्टमेंट के उदेश्य से इन सभी शब्दों का इस्तेमाल आज भी लोगो के द्वारा किया जाता है लेकिन इन शब्दों के अलावा एक शब्द का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है की कुछ करो या न करो इन्शुरन्स जरूर करवा लो। अब ये इन्शुरन्स क्या होता है इसके बारे में आज हम सभी इस आर्टिकल की मदद से जानेंगे आप सभी का स्वागत है ज्ञानवर्ल्ड में मै हु आपके साथ अजीत ठाकुर।

What is Insurance Policy With Full Information In Hindi

इन्शुरन्स का मतलब होता है आने वाले खतरे से सुरक्षा करना यानि अपनी जिंदगी अपनी जमींन को किसी भी आपदा से हुए नुक्सान से बचने का एक उपाय होता है लेकिन इन्शुरन्स क्यों करवाना चाहिए इन्शुरन्स किस तरीके से काम करता है और साथ ही इन्शुरन्स कितने तरीके का होता है ये सब भी तो जानना जरूरी है ताकि आप सभी अपने जरुरत के हिसाब से इन्शुरन्स चुन सके।

What is Insurance Policy In Hindi

इन्शुरन्स क्या होता है – What is Insurance

इन्शुरन्स एक लीगल एग्रीमेंट है जोकि दो लोगो के बिच होता है पहला इन्शुरन्स करने वाला और दूसरा इन्शुरन्स करवाने वाला व्यक्ति, तो इस लीगल एग्रीमेंट के तहत जब कोई व्यक्ति इन्शुरन्स कंपनी से अपना इन्शुरन्स करवाता है तो भविष्य के इन्शुरन्स करवाने वाले व्यक्ति को अगर कोई नुक्सान होता है तो  उसकी भरपाई इन्शुरन्स कंपनी करती है। चलिए अब जानते है इन्शुरन्स काम कैसे करता है।

इन्शुरन्स एग्रीमेंट के तहत इन्शुरन्स कंपनी के द्वारा बीमाधारक के एक फिक्स रकम (पैसे) लिए जाते है जिसे प्रीमियम के नाम से जाना जाता है अब बीमाधारक को इन्शुरन्स करवाने के बाद किसी भी तरह का नुक्सान पहुँचता है तो इन्शुरन्स कंपनी की टर्म और कंडीशन के हिसाब से बीमाधारक के नुक्सान की भरपाई की जाती है।

What is Insurance Policy In Hindi: उसी तरह से अगर किसी घर या कार बाइक का इन्शुरन्स करवाया गया हो तो उस चीज के टूटने का खो जाने पर बीमाधारक को इन्शुरन्स के आधार पर इन्शुरन्स की रकम दी जाती है।

चलिए अब जानते है इन्शुरन्स कितने तरीके और प्रकार का होता है, देखा जाये तो इन्शुरन्स दो प्रकार के होते  है। LIFE INSURANCE और GENERAL INSURANCE लेकिन आजकल इन्शुरन्स के बोहोत सारे प्रकार प्रचलित है जैसे ट्रेवल इन्शुरन्स चलिए एक एक करके सभी इन्शुरन्स के प्रकार के बारे में जानते है।

Types of Insurance in Hindi

LIFE INSURANCE :-

जैसा की नाम से ही पता चल रहा है की यह इन्शुरन्स बीमाधारक के जीवन से जुड़ा इन्शुरन्स है यानी जो व्यक्ति अपना बीमा करवाता है और अचानक उस व्यक्ति की मृत्यु हो जाये तो बीमा कंपनी बीमाधारक के परिवार को मुवावजा देती है। इस बीमा का महत्व तब बढ़ जाता है जब परिवार के मुखिया की मृत्यु हो जाये और परिवार का ख़याल रखने वाला वही हो  तो ऐसे में उस व्यक्ति के न रहने पर बीमा कंपनी की तरफ से सपोर्ट मिलता है।

इसलिए जीवन बीमा जरूर करवाना अत्यधिक आवश्यक है   ताकि आपके न होने पर भी आपके परिवार  को पैसो की समस्या न हो।

GENERAL INSURANCE :-

इस इन्शुरन्स में घर, गाडी, स्वास्थ्य, जानवर इन्शुरन्स यह सभी शामिल होते है, HOME INSURANCE की बात करे तो काफी सारे लोग अपने घर का भी बीमा करवाते है ऐसा करने से उनका घर सुरक्षित हो जाता है और भविष्य में उनके घर को अगर किसी तरह का नुक्सान पहुँचता है तो इसकी भरपाई इन्शुरन्स कंपनी द्वारा हो जाती है इस तरह के इन्शुरन्स में बाढ़ आग लग्न भूकंप जैसी बोहोत साड़ी प्राकर्तिक आपदाओं से घर को होने वाले नुक्सान शामिल होते है। इसके अलावा हड़ताल, दंगा, चोरी और आतंकवाद जैसी आपदाओं के लिए इन्शुरन्स सिक्योरिटी दी जाती है।

HEALTH INSURANCE :-

आजकल हेल्थ समस्याएं काफी ज्यादा बढ़ गयी है और हेल्थ पर होने वाला खर्च भी काफी ज्यादा बढ़ गया है, ऐसे में आप हेल्थ इन्शुरन्स लेते है तो आपको हुई कैसी भी बीमारी का खर्चा इन्शुरन्स कंपनी के द्वारा करवाया जाता है हेल्थ इन्शुरन्स में कितना पैसा दिया जायेगा ये आपके द्वारा लिए गए इन्शुरन्स पर निर्भर है।

यहाँ यह ध्यान रखना जरूरी है की हेल्थ इन्शुरन्स पालिसी का फायदा सिर्फ उन्ही हॉस्पिटल्स में मिलता है जोकि पालिसी से जुड़े होते है इसके अलावा आजकल ऐसी इन्शुरन्स पालिसी भी है जो आपके पूरे परिवार को इन्शुरन्स सिक्योरिटी भी दे सकती है।

MOTOR & CAR INSURANCE :-

भारत देश के गाडी का इन्शुरन्स करवाना सभी के लिए आवश्यक है और ऐसा नहीं करने पर आपको ट्रैफिक पुलिस को फाइन भी देना पड़ सकता है। इस इन्शुरन्स पालिसी के तहत चाहे वो आपकी कार हो या बाइक हो या ऑटो हो और इसमें अगर आपको कोई नुक्सान होता है तो बीमा के तहत इसकी भरपाई बीमा कंपनी द्वारा किया जाता है।

अगर आपकी गाडी से किसी व्यक्ति को चोट लग गयी हो या अनजाने में मृत्यु हो गयी हो तो ऐसे मामलो में थर्ड पार्टी द्वारा कवर दिया जाता है।

CROP INSURANCE :-

ऐसे किसान जो कृषि के लिए लोन लेते है उनके लिए क्रॉप इन्शुरन्स लेना काफी आवश्यक होता है इस इन्शुरन्स में CROP यानि फसल को होने वाले किसी भी तरह के नुक्सान की भरपाई इन्शुरन्स कंपनी के द्वारा किया जाता है।

BUSINESS LIABILITY INSURANCE :-

ये इन्शुरन्स किसी कम्पनी के काम या उसके किसी कंस्यूमर से होने वाले नुक्सान की भरपाई करता है यानि किसी कंपनी के कामकाज या उसके किसी प्रोडक्ट से अगर किसी ग्राहक को कोई हानि होती है तो ऐसी समस्या में कंपनी पर लगने वाला जुर्माना कानूनी कार्यवाही का सारा खर्चा उठाने की जिम्मेदारी उस इन्शुरन्स कंपनी की होती है जोकि उस कंपनी का BUSINESS LIABILITY INSURANCE करती है।

TRAVEL INSURANCE :-

आजकल ट्रेवल इन्शुरन्स भी काफी प्रचलित है ये इन्शुरन्स ट्रैवेलिंग के दौरान होने वाले नुक्सान से बचाव करती है मतलब अगर किसी व्यक्ति ने अपना ट्रेवल इन्शुरन्स करवा रखा है वो काम के सिलसिले में या घूमने के लिए बहार जाता है और वह उसे चोट लग जाती है या उसके सामान खोने जैसी घटनाये हो जाती है तो इसका मुआवजा इन्शुरन्स कंपनी देती है। इस पालिसी की समय सीमा आपकी यात्रा शुरू होने से खत्म होने तक की होती है। इसके अलावा देश के अंदर की जाने वाली छोटी मोटी यात्रा के लिए भी ट्रेवल इन्शुरन्स किया जाता है।

What is Insurance Policy In Hindi: आजकल अगर आप कैब की बुकिंग भी करते है तो वहा भी  आपको ट्रेवल इन्शुरन्स देखने को मिलता है वो भी बस 1 या 2 रूपए में अगर आप ट्रैन से भी सफर करते है तो उसमे भी आपको ट्रेवल इन्शुरन्स का ऑप्शन मिलता है और अब यह आपके ऊपर है की आप वह ट्रेवल इन्शुरन्स करना चाहते है या नहीं।

लेकिन अब आशा करता हु की आपको भली भाती पता चल गया होगा की इन्शुरन्स क्या होता है इसके क्या फायदे होते है तो भगवान् न करे की किसी के साथ कुछ बूरा हो लेकिन फिर भी अपने और परिवार के लिए आपको इन्शुरन्स जरूर करवाना चाहिए।

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